Punjab में गैंगस्टर पर सख्त कार्रवाई! SSP Maninder Singh निलंबित – क्या बिगड़ रही है क़ानून-व्यवस्था?

पंजाब सरकार ने अमृतसर (ग्रामीण) के एसएसपी मनिंदर सिंह को निलंबित कर एक बड़ा कदम उठाया है। आरोप है कि उन्होंने गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की और अपराध नियंत्रण में लापरवाही बरती। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट तौर पर कहा कि अपराध और गैंगस्टर गतिविधियों के खिलाफ किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब विपक्ष लगातार पंजाब सरकार पर राज्य में बढ़ते अपराध और जबरन वसूली की घटनाओं को लेकर हमलावर है। 11 नवंबर को तरनतारन विधानसभा उपचुनाव के दौरान भी कानून-व्यवस्था एक प्रमुख मुद्दा बना रहा। चुनाव प्रचार के दौरान आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राज्य को गैंगस्टरों से मुक्त कराने का संकल्प लेते हुए साफ चेतावनी दी थी कि अपराधी एक हफ्ते के भीतर पंजाब छोड़ दें।
2019 बैच के आईपीएस अधिकारी मनिंदर सिंह इसी वर्ष फरवरी में अमृतसर ग्रामीण के एसएसपी नियुक्त हुए थे। इससे पहले वे अमृतसर कमिश्नरेट में सहायक पुलिस आयुक्त और तरनतारन में पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत थे। दो दिन पहले ही अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने जंडियाला गुरु क्षेत्र में हुई गोलीबारी और जबरन वसूली की कोशिश में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। यह घटना 6 नवंबर को हुई थी, जिसमें तीन अज्ञात बाइक सवारों ने एक प्रोविजनल स्टोर के बाहर गोलीबारी की। आरोपी कुख्यात जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े थे और विदेश में बैठे उनके आका केशव शिवाला के निर्देश पर काम कर रहे थे।
इससे पहले 8 नवंबर को चुनाव आयोग ने तरनतारन की एसएसपी रवजोत कौर ग्रेवाल को निलंबित किया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने उपचुनाव के दौरान अकाली दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित तौर पर झूठी FIR दर्ज कराई।
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को शिकायत कर दावा किया था कि AAP सरकार चुनाव जीतने के लिए पुलिस का दुरुपयोग कर रही है। इसके बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने डीजीपी को आरोपों की समीक्षा करने के लिए उच्च अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया।
लगातार निलंबनों से साफ है कि पंजाब सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर अब और सख्त रुख अपनाती दिख रही है, ताकि गैंगस्टर नेटवर्क पर तेजी से और ठोस कार्रवाई की जा सके।